अजीत पार्थ न्यूज
युवती द्वारा अपने प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में,दुष्कर्म साबित करने के लिए विवेचक दारोगा द्वारा मेडिकल कराने के लिए युवती को बहला- फुसलाकर दुष्कर्म किया गया। उक्त मामले में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस नें दारोगा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एफआईआर में मदद के बहाने दारोगा द्वारा युवती के शारीरिक शोषण करने का मामला प्रकाश में आया है। सूचना के मुताबिक मेडिकल के नाम पर दारोगा नें युवती से संबंध बनाए और विवाह के नाम पर युवती को फंसाया।
युवती का आरोप है कि दारोगा नें मुकदमे की जांच में मदद करने का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उससे लगातार मिलने-जुलने लगा।
पीड़िता नें डीसीपी सेंट्रल को नामजद शिकायत देकर कार्रवाई की मांग किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि जनपद लखनऊ के पारा निवासी पीड़िता नें बताया कि करीब एक साल पूर्व उसकी जनपद बस्ती निवासी अभिषेक सिंह से दोस्ती हुई थी। अभिषेक सिंह नें शादी का झांसा देकर उसके साथ लखनऊ में कई बार शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इंकार कर दिया।
उक्त मामले में फरवरी 2026 में बस्ती जनपद के छावनी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे 20 फरवरी को विवेचना के लिए आशियाना थाने भेजा गया।
पीड़िता के मुताबिक विगत 21 फरवरी को दारोगा धर्मवीर शाही नें उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया। आरोप है कि बातचीत के दौरान दारोगा नें विवेचना में मदद करने का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया।
दारोगा धर्मवीर शाही नें युवती से कहा कि पुरानी मेडिकल रिपोर्ट से दुष्कर्म साबित नहीं हो पाएगा। जिसकी वजह से फिर से संबंध बनाने होंगे। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद उसे कई बार थाने और किला चौराहे के पास एक कमरे में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए गए और हर बार शादी का आश्वासन दिया जाता रहा।


