जन्म मरण से मुक्ति के लिए पंचामृत अपनाएं -शिवबली चौबे

∆∆∆•••बस्ती कांवरिया संघ चैरिटेबल ट्रस्ट आयोजित प्रभु संबंध अभियान व श्रीमद् भागवत कथा का तीसरा दिन

अजीत पार्थ न्यूज बस्ती

“बस्ती कांवरिया संघ चैरिटेबल ट्रस्ट” द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस कथाव्यास शिवबली चौबे जी महाराज नें कहा कि जन्म-मरण से मुक्त होने के लिए पंचामृत अपनाएं। पंचामृत की मुख्य पांच बातें जीवन में धारण करके जीवन को तनाव मुक्त बनाया जा सकता है। पहला हम भगवान के ही हैं। दूसरा हम जहां भी रहते हैं भगवान के ही दरबार में रहते हैं। तीसरा हम जो भी शुभ काम करते हैं भगवान का ही काम करते हैं। चौथा शुद्ध सात्विक जो भी पातें हैं भगवान का ही प्रसाद पाते हैं और पांचवा भगवान के दिए प्रसाद से भगवान के ही जनों की सेवा करते हैं।

भक्त प्रहलाद की कथा सुनाते हुए महाराज जी नें कहा कि दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने ब्रह्माजी से ऐसा वरदान पाया था कि उसे न कोई नर-नारी, न पशु-पक्षी, न दिन-रात, न अस्त्र-शस्त्र, न घर के अंदर-बाहर, न पृथ्वी-आकाश में मार सके। अहंकार में चूर उसने खुद को भगवान घोषित कर दिया और प्रजा को विष्णु पूजा करने से मना कर दिया। लेकिन उसका अपना पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त निकला।
उन्होंने बताया कि हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को विष्णु भक्ति से हटाने के लिए उसे जहर देने, हाथियों से कुचलवाने, सांपों के बीच छोड़ने और ऊंची चट्टान से फेंकने जैसे अनेक प्रयास किए। लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद हर बार बच गए। प्रहलाद को मारने के लिए, हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की मदद ली, जिसे आग में न जलने का वरदान प्राप्त था। होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर चिता पर बैठ गई। भक्त प्रहलाद विष्णु के नाम का जाप करते रहे और आग में नहीं जले, लेकिन अहंकारी होलिका जलकर भस्म हो गई, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बना।
उन्होंने कहा कि हिरण्यकश्यप ने जब खंभे से प्रहलाद को मारने के लिए पूछा कि “कहाँ है तेरा विष्णु?”, तो प्रहलाद ने कहा “विष्णु हर जगह हैं”। गुस्से में उसने खंभे पर प्रहार किया और भगवान विष्णु नरसिंह (आधा नर, आधा सिंह) रूप में प्रकट हुए। भगवान नरसिंह ने हिरणाकश्यप का अंत कर दिया। आरती व प्रसाद वितरण के उपरांत तीसरे दिन की कथा का समापन हुआ। कथा के बीच-बीच में भजन गायक संजय जी के द्वारा कर्णप्रिय भजन प्रस्तुत किए गए।

इस दौरान विवेक गिरोत्रा, संजय द्विवेदी, सुनील कुमार गुप्ता, गौरव साहू, रोहन गुप्ता, विजय गुप्ता,अनिल जायसवाल, दुर्गा प्रसाद, सतीश सोनकर, राम कृष्ण सोनी, तारक जायसवाल, राघवेंद्र मिश्रा,युग अग्रवाल, कुणाल कसौधन, हरि मोहन सर्राफ, दिनेश चंद्र जायसवाल, पंकज नंदा,आरव सिंह, संतोष कुमार सिंह, ध्रुव कुमार गुप्ता, जुगुल जायसवाल, सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

 

 

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