अजीत पार्थ न्यूज बस्ती
जनपद के परसरामपुर थाने पर प्रभारी थानाध्यक्ष के पद पर तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार गौड़ के गायब होने के दो दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उक्त मामले में पुलिस की पांच टीमें लगातार तहकीकात कर रही हैं। शनिवार को कुआनो नदी के अमहट घाट पर कुछ गोताखोरों द्वारा भी छानबीन किया गया। फिलहाल संदिग्ध परिस्थिति में गायब दारोगा अजय कुमार गौड़ के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

फाइल फोटो- गायब उपनिरीक्षक अजय कुमार गौड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार परसरामपुर थाने के थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के अवकाश पर चले जाने के वजह से उपनिरीक्षक अजय कुमार गौड़ को थाने का प्रभार सौंपा गया था। लेकिन विगत 5 फरवरी की शाम करीब पांच बजे उपनिरीक्षक अजय कुमार गौड़ द्वारा थाने से कुछ काम की बात कहकर बाइक द्वारा निकलना बताया जा रहा है। इस दौरान उनका सीयूजी नंबर तथा निजी नंबर दोनों बंद पाया गया और उनकी बाइक अमहट पुलिस चौकी के निकट पाई गई।
उक्त मामले में गायब दारोगा अजय कुमार गौड़ की पत्नी रंजीता गौड़ नें शनिवार को आरोप लगाया है कि उनके पति के गायब होने की जानकारी विभागीय लोगों द्वारा करीब 12 घंटे बाद उन्हें दी गई। गायब होने से पूर्व उनकी कुछ सेकेंड के लिए अपने पति से बात हुई थी। बाकौल रंजीता गौड़ वह प्रत्येक दिन सुबह फोन करके अपने पति को उठाती थीं, लेकिन शुक्रवार की सुबह जब उन्होंने अजय कुमार गौड़ के मोबाइल पर फोन किया तो वह स्विच ऑफ बता रहा था। इसके बाद उन्होंने थाने के एक सिपाही को फोन किया तो थाने के सिपाही द्वारा बताया गया कि दारोगा जी कल शाम करीब पांच बजे से ही गायब हैं। उसके बाद सिपाही द्वारा हेड मोहर्रिर का मोबाइल नंबर दिया गया तब उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रंजीता गौड़ नें बताया कि क्षेत्राधिकारी हरैया स्वर्णिमा सिंह नें उन्हें आश्वासन दिया है, कि अतिशीघ्र उनके पति अजय कुमार गौड़ को ढूंढ़ लिया जाएगा। रंजीता नें बताया कि उन्होंने कई जगह सीसीटीवी फुटेज देखा है, तो एक जगह उनके पति थाने के फालोवर पंकज कुमार को बाइक पर पीछे बैठाकर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल दारोगा का अचानक गायब होना पुलिस महकमें के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।


