अजीत पार्थ न्यूज डेस्क
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सूचना के अनुसार मोहान रोड स्थित अर्श हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे खड़ी एक सैंट्रो कार से दारोगा का शव बरामद होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृत उपनिरीक्षक की पहचान अजय सिंह 34 के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दारोगा के शव के सीने पर खून के निशान पाया गया है, जिससे उनकी मौत रहस्यमयी बनी हुई है।

फाइल फोटो- मृतक उपनिरीक्षक अजय सिंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार , मोहान रोड पर अर्श हॉस्पिटल के सामने एक सेंट्रो कार गुरुवार की शाम करीब छ: बजे से सड़क के किनारे खड़ी थी। लेकिन किसी नें उस पर ध्यान नहीं दिया। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे चौराहे के लोगों को कार संदिग्ध लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दिया।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा जब कार के अंदर झांका गया तो एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला। आननफानन में पुलिस द्वारा कार का शीशा तोड़ा गया और अंदर मौजूद व्यक्ति को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।
पुलिसिया छानबीन में मृतक के पाकेट से उसका पहचान पत्र पाया गया, जिससे उसकी पहचान दारोगा अजय सिंह के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कार करीब 24 घंटे से लॉक अवस्था में सड़क के किनारे खड़ी थी। लंबे समय तक बंद कार में रहने की वजह से दारोगा का शव फूल गया था।.
पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से जांच की जा रही है।इसके लिए कार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दिया गया है। साथ ही आसपास लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दारोगा आखिरी बार किसके साथ थे और कार वहां कब से खड़ी थी।
मृतक दारोगा अजय सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के निवासी थे और साल 2020 बैच के उपनिरीक्षक थे। वर्तमान समय में वह लखनऊ के पारा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी कोमल और दो पुत्रियां हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पारा पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


