🎇 🎆 मेडिकल कराने लाए आरोपी को अस्पताल में डॉक्टर-नर्सों नें पीटा, भारी पुलिस बल ने बचाया
अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी
जनपद गोरखपुर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात में दस वर्षीया मासूम बच्ची की हत्या के आरोपी सिपाही को गुरुवार को जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के गुस्से का सामना करना पड़ा। पुलिस जब आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, तो उसे देखते ही स्वास्थ्यकर्मी भड़क उठे और दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों नें किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाकर बाहर निकाला।

आरोपी सिपाही की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई है, जो डायल-112 में तैनात था। पुलिस के मुताबिक, उक्त सिपाही नें विगत 28 जुलाई की रात जिला अस्पताल से ही 10 वर्षीया बच्ची का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। गुरुवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया।

घटना के अनुसार, बच्ची अपनी बीमार बड़ी बहन को भोजन देने के लिए जिला अस्पताल आई हुई थी। रात करीब 10 बजे जब वह घर लौटने के लिए निकली, तो आरोपी सिपाही नें उसका पीछा किया और बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद वह उसे करीब 15 किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले गया, जहां पर उसकी हत्या कर दिया । पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ दुष्कर्म भी किया गया हो, उक्त मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

फाइल फोटो- मृतका मासूम बच्ची
परिजनों के अनुसार, बच्ची के घर न लौटने पर उन्होंने तुरंत गुमशुदगी दर्ज कराया । पुलिस नें मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 टीमें गठित कीं और करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाला। करीब 39 सेकेंड के वीडियो में सिपाही बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए दिखा।फुटेज से मिले बाइक के नंबर से सिपाही अभिषेक यादव की पहचान हुई। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।उक्त सिपाही गाजीपुर जनपद का मूल निवासी है।
पीड़ित बच्ची के पिता नें बताया कि वह पिछले चार साल से परिवार के साथ गोरखपुर में रहकर ई-रिक्शा चलाता है। उनकी पत्नी गर्भवती है और बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी को खाना देने गई छोटी बेटी इस दरिंदगी का शिकार हो गई।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उसे बर्खास्त करने की संस्तुति भेज दी गई है और उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी पूर्व में भी एक छेड़छाड़ के मामले में निलंबित और जेल जा चुका है, जिसके बाद उसकी बहाली हुई थी।
इस जघन्य वारदात से आम जनमानस में आक्रोश व्याप्त है। एक ओर जहां पुलिस महकमे में एक नरपिचाश पुलिस की कार्यशैली से पुलिस वालों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं आमजन में भय और गुस्सा व्याप्त है।


