अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी
जनपद आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी ग्राम में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद में पति ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दिया था। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी अरविन्द सिंह पुत्र त्रिपुरारी सिंह अपने दस वर्षीय पुत्र शौर्य उर्फ लक्खा, ग्यारह वर्षीया पुत्री परी और दस माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया था । सूचना पर डीआइजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ.अनिल कुमार समेत छ: थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया।

देर शाम तक पुलिस आरोपी से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही थी। रात करीब दस बजे तक आरोपी घर के बाहर नहीं निकला। देर रात करीब 12.55 बजे एटीएस के साथ हुई मुठभेड़ में हत्यारोपित को कई गोली लगी, पुलिस उसे इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंची और इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई
स्थानीय लोगों के बताया कि, शंभूपुर गहजी निवासी अरविंद सिंह की मां शमला देवी 70 और पत्नी बबीता सिंह 40 घर में शांति के लिए पूजा कराना चाह रही थीं। अरविंद इसका विरोध कर रहा था। इसे लेकर कई दिनों से घर में विवाद चल रहा था। इसी बीच अरविंद किसी काम से बाहर चला गया। मौका देखकर पत्नी नें घर में पांच दिवसीय पूजा शुरू करा दिया । मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था, इसी दौरान शाम करीब छ: बजे अरविंद वापस घर लौट आया।
पूजा-पाठ होते देखकर वह भड़क गया और पूजा करा रहे 60 वर्षीय महेंद्र पाठक निवासी ग्राम पटखौली, 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा और उनके 20 वर्षीय पुत्र हिमांशु मिश्रा ग्राम छितौना भटौली को गालियां देने लगा। पत्नी बबीता और मां शमला देवी ने उसे समझाने का प्रयास किया। अरविंद नें पुरोहितों को ढोंगी बताते हुए आधार कार्ड मांगने लगा, पुरोहित इसका विरोध करते हुए अरविंद को भला बुरा कहने लगे।
आरोप है कि इसके बाद अरविंद पत्नी से मारपीट करने लगा। इस दौरान पूजा करा रहे पुरोहितों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मोबाइल से वीडियो बनाते देखकर अरविंद घर में रखी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल लाया। उसने पहले पत्नी बबीता को गोली मारी। इसके बाद महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को भी गोली मार दी। अरविंद किसी और पर गोली चलाता, इससे पहले हिमांशु शोर मचाते हुए घर से बाहर भाग निकला।
पूजा में बैठी उसकी 22 वर्षीया भतीजी वर्षा सिंह, 17 वर्षीया रिया और मां शमला देवी भी मौका पाकर बाहर निकल गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। इसके बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर एक कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दी। देर शाम तक आरोपी बच्चों के साथ कमरे के अंदर था और पुलिस उसे बाहर निकालने का प्रयास कर रही थी। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस अधिकारी बेहद सावधानी से कार्रवाई कर रहे थे।
बड़े भाई की हत्या के बाद दिमागी रूप से टेंशन में रहता था अरविंद सिंह
आरोपी अरविंद सिंह की मां समला देवी के अनुसार साल 2018 में उसके बड़े बेटे की गांव में काली माता स्थान पर आयोजित भंडारे में उसके जेठ के लड़कों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिया गया था। उक्त घटना की नींव के बारे में बताया कि हत्या के पूर्व उसके छोटी बहू के साथ पट्टीदारी के लोगों द्वारा दुष्कर्म किया गया था। जिस पर उसके बेटे नें मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसके कारण आरोपियों को जेल हो गई थी। जेल से छूटने के बाद आरोपी उसके बेटे की हत्या कर दिए, इसी रंजिश में परिवार में कुल आधा दर्जन मुकदमे हो गए थे। अरविंद सिंह उक्त मुकदमों को देखता था। पिछले करीब 6 महीने से वह दिमागी रूप से टेंशन में था। इस कारण उन लोगों ने घर में अनुष्ठान का आयोजन कराया था, जबकि अरविंद अनुष्ठान के विरोध में था।


