अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी
जनपद बाराबंकी के सतरिख थाना अंतर्गत उधवापुर कंपोजिट विद्यालय में एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सूचना के अनुसार यहां पर स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के कमरे में एक सहायक अध्यापिका का शव रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटकते हुए प्राप्त हुआ है। उक्त सूचना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बाराबंकी शहर के जलालपुर मोहल्ले की निवासी उमा वर्मा उर्फ माला 40 उधवापुर के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका पद पर कार्यरत थी। उनके पति ऋषि वर्मा भी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं। उनकी तैनाती वर्तमान समय में सिद्धौर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय में है। मृतका के पति ऋषि वर्मा के अनुसार सुबह विद्यालय छोड़कर वह अपने स्कूल गए हुए थे। उमा वर्मा उर्फ माला प्रधानाध्यापिका के कमरे में गई और काफी देर तक वापस नहीं लौटीं। उनका बैग दूसरे कक्षा में रखा हुआ था। काफी देर के बाद विद्यालय के स्टाफ नें झांककर देखा तो वह फंदे से लटक रही थीं। जानकारी के अनुसार प्रधानाध्यापिका के कमरे का दरवाजा बंद भी नहीं था।

घटना की सूचना पर फॉरेंसिक की टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका शिक्षिका के दो बच्चे भी हैं। उनके पति ऋषि वर्मा के अनुसार विगत डेढ़ वर्ष से विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीतावती, सहायक अध्यापक सुशील वर्मा, जया और अर्चना उन्हें परेशान किया करती थीं। वह बच्चों को मन लगाकर पढ़ाती थीं, लेकिन स्टाफ के लोग अनावश्यक टिप्पणी किया करते थे। हम उनके स्थानांतरण का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वर्तमान समय में उनका स्थानांतरण नहीं हो पाया।
मृतका के भाई शिवाकांत वर्मा के मुताबिक विद्यालय स्टाफ द्वारा पहले कमरे का सामान ठीक किया गया, फिर पुलिस बुलाया गया। उक्त प्रकरण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक नें बताया कि घटना अत्यंत दु:खद है। पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है। यदि कोई विद्यालय का स्टाफ दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रताड़ना से संबंधित कोई शिकायत मेरे पास नहीं आई है। उक्त घटना से जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।


