पिता का बेटे को पढ़ाई के लिए डांटना पड़ा भारी, बेटे नें गोली मारकर किया पिता की हत्या, शव के किए दो टुकड़े, दोनों हाथ काटकर फेंका, धड़ का हिस्सा ड्रम में मिला 

अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी

राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के सेक्टर एल में बेटे नें पिता की गोली मारकर हत्या कर दिया। शव को छिपाने के लिए उसे दो हिस्सों में काट दिया। दोनों हाथ काट कर बाहर फेंक दिया था। जबकि धड़ को ग्राउंड फ्लोर पर ड्रम में छुपाया था। पुलिस नें आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है।

मृतक की पहचान सेक्टर एल में रहने वाले पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह 49 के रूप में हुई है। मानवेंद्र अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा 19 और बेटी के साथ रहते थे। मानवेंद्र की पत्नी का लगभग नौ साल पहले देहांत हो चुका है। बेटे अक्षत नें आशियाना थाने में 20 फरवरी को पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

सोमवार की शाम करीब चार बजे मानवेंद्र के पड़ोसियों नें पुलिस को बदबू आने की सूचना दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की, तो मानवेंद्र का शव बरामद हुआ। शव का आधा हिस्सा ग्राउंड फ्लोर पर ड्रम में मिला और उसके दोनों हाथ कटे हुए थे।

डीसीपी सेंट्रल विक्रम वीर सिंह नें बताया, 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे अक्षत प्रताप सिंह नें रायफल से पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शव को छिपाने के लिए दोनों हाथ काट कर बाहर फेंक दिया था। धड़ ग्राउंड फ्लोर पर मिला है। अक्षत प्रताप सिंह नें जुर्म कबूल कर लिया है।

पूछताछ में अक्षय नें बताया, पिता उसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने को लेकर दबाव बनाते थे और काफी डांटते रहते थे। 20 फरवरी की सुबह भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। जिसके बाद अक्षत प्रताप सिंह नें रायफल से गोली मार दिया। गोली लगते ही मानवेंद्र प्रताप सिंह की मौत हो गई।

मानवेंद्र सिंह की हत्या की सूचना से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक थे। अक्षत बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है। बेटी इंटरमीडिएट में पढ़ती है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जांच पड़ताल में लगे हुए हैं और फोरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। फिलहाल उक्त घटना नें रिश्तों के विषय में सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।

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