बस्ती
जनपद के हर्रैया थाना क्षेत्र काली माता मंदिर से चांदी के मुकुट चोरी की घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। चोरी के खुलासे में जुटी एंटी थ्रेफ्ट टीम के एक सिपाही पर बेगुनाह को थर्ड डिग्री देने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मरवट गांव स्थित काली माता मंदिर में बीती रात चोरों नें धावा बोलकर करीब डेढ़-डेढ़ किलो के दो चांदी के मुकुट पार कर दिए थे। सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मंदिर में चढ़े 111 रुपये मौके पर ही मिले। पुलिस नें मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, एंटी थ्रेफ्ट टीम की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि टीम में शामिल सिपाही अरुण यादव ने चोरी के शक में देवरी पुरवा गांव निवासी मुन्नीलाल को हिरासत में लेकर थाने में पिटाई की। परिजनों का कहना है कि थर्ड डिग्री देकर जबरन जुर्म कबूल कराने का दबाव बनाया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, मुन्नीलाल दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसका चाल-चलन ठीक है और पहले कभी उस पर कोई आरोप नहीं लगा। इसके बावजूद कार्रवाई से गांव में आक्रोश है।
पिटाई से तबीयत बिगड़ने पर मुन्नीलाल को सीएचसी हर्रैया में भर्ती कराया गया है। मामले में पीड़ित और ग्रामीणों नें एसपी से मिलकर तहरीर दी है और न्याय की मांग की है।
उधर, एंटी थ्रेफ्ट टीम प्रभारी व थाना प्रभारी ने पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।


