अजीत पार्थ न्यूज बस्ती
जनपद के बहुचर्चित वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह के आत्महत्या मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा रविवार को सनसनीखेज खुलासा करते हुए युवती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए थानाध्यक्ष को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उनपर लगातार दबाव बनाया। मामले में गिरफ्तार युवती को गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।

पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती रेंज संजीव त्यागी नें प्रेस वार्ता में मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्यों की जानकारी दिया । पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। तीनों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 387/2026 के तहत धारा 108 और 3(5) बीएनएस में कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियंका चौधरी पत्नी महेंद्र चौधरी निवासी बावनपार,थाना पैकोलिया, बस्ती, हाल मुकाम गंधार,थाना वाल्टरगंज,बस्ती , रामनयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी निवासी गंधार, वाल्टरगंज और विजय प्रकाश यादव पुत्र भरतराम निवासी पिपरा काजी,थाना पैकोलिया, बस्ती के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को रविवार सुबह करीब 7:55 बजे सदर अस्पताल के सामने से बोलेरो गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी महिला करीब 32 वर्ष की है और लंबे समय से पति से अलग रह रही है। जांच में सामने आया कि वह मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर में काम कर चुकी है। पुलिस का आरोप है कि महिला पहले लोगों से संपर्क बनाती थी और फिर वीडियो कॉल के जरिए उन्हें कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया जाता था। इसके बाद मोटी रकम की मांग की जाती थी।
पुलिस के अनुसार इस पूरे खेल में महिला के पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव भी कथित तौर पर सहयोग करते थे। जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल के विश्लेषण के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है।
सबसे अहम कड़ी के तौर पर पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर 1:41 बजे सूर्य प्रकाश सिंह के मोबाइल पर अंतिम कॉल विजय प्रकाश यादव की ओर से की गई थी। पुलिस अब इस कॉल और उससे जुड़े अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहनता से जांच कर रही है।
डीआईजी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक डॉ.यशवीर सिंह द्वारा गठित टीम द्वारा जाँच के दौरान यह तथ्य पाया गया कि थानाध्यक्ष वाल्टरगंज सूर्य प्रकाश सिंह द्वारा युवती के साथ एक बार अवैध संबंध बनाया गया था, जिसका युवती द्वारा वीडियो क्लिप बना लिया गया था और वह आत्महत्या की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की मांग कर रही थी। जिसका वीडियो फुटेज पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार अब तक के जांच में गिरोह द्वारा चार लोगों को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाकर बड़ी रकम वसूलने के मामले सामने आए हैं। इनमें पुरैना निवासी डॉ.उमेश से करीब 4 लाख रुपये, जमदाशाही निवासी अहमद रजा से करीब 5 लाख रुपये और मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से करीब 15 लाख रुपये की कथित वसूली की बात सामने आया है।
इन मामलों के अलावा वाल्टरगंज के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का नाम भी जांच में सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के कथित शिकार लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और दर्जनों अन्य लोगों के संबंध में जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले कथित वसूली की रकम से बोलेरो खरीदने की बात भी जांच में सामने आई है। इतना ही नहीं, महिला जिस मकान में किराए पर रहती थी, उसके मकान मालिक डॉ.उमेश को भी कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाकर धन उगाही किए जाने की जानकारी पुलिस नें दी है।
उल्लेखनीय है कि वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव विगत 29अगस्त 2026 को बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उनके सरकारी आवास में मिला था। मामले में उनके पुत्र संदीप सिंह ने 5 सितंबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर दिया, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों,कॉल पैटर्न और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका सामने आई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बृजानंद सिंह, उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक जयविन्द सिंह, उपनिरीक्षक शेषनाथ यादव समेत सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
डीआईजी के अनुसार आरोपियों द्वारा हनी ट्रैप के द्वारा कमाए गए अवैध रकम को बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत जप्त किया जाएगा।


