अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी
जनपद संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली अंतर्गत मीट मंडी में मौलाना शमशुल हुदा के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नें छापेमारी किया। उक्त कार्रवाई बुधवार की सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई, जिसके बाद से ईडी की टीम घर के भीतर मौजूद परिजनों से पूछताछ किया।

छापेमारी स्थल के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी व्यक्ति को घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम मौलाना की पत्नी और बहू से पूछताछ किया, जबकि उनका बेटा तौसीफ रजा घर पर मौजूद नहीं बताया जा रहा है।

उक्त पूरे मामले की जांच आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) भी कर रहा है। एटीएस की जांच में यह सामने आया था कि मौलाना शमशुल हुदा नें वर्ष 2013 में भारतीय नागरिकता त्यागकर ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी। वह वर्ष 2007 से लंदन में रह रहा है।

इसके बावजूद, आधिकारिक अभिलेखों में उन्हें वर्ष 2017 तक आजमगढ़ स्थित एक मदरसे में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत दर्शाया गया। इस दौरान वेतन और पेंशन का लाभ लेने का भी मामला सामने आया है।
मौलाना शमशुल हुदा खान पर आरोप है कि उन्होंने विदेश से मदरसे के लिए फंड जुटाने के नाम पर ‘कुलियातुल बनातीर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी’ तथा ‘रजा फाउंडेशन’ नामक एनजीओ बना कर पैसे लिए हैं। आरोप है कि खलीलाबाद में एक मदरसे का निर्माण कराकर उसके माध्यम से विदेशों से बड़ी मात्रा में फंड एकत्र किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी विदेशी फंडिंग के जरिए बड़ी संपत्ति अर्जित की गई। फिलहाल ईडी और एटीएस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


