अजीत पार्थ न्यूज बस्ती
जनपद के विक्रमजोत विकास खंड के पौराणिक रामरेखा मंदिर पर आयोजित होने वाले श्रीराम कथा के लिए आयोजन समिति की तरफ से बुधवार को कलश यात्रा निकाली गई। उक्त कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं। कलशयात्रा में मथुरा से आए हुए कलाकारों नें झांकी प्रस्तुत किया तो वहीं हाथी, घोड़े भी कलश यात्रा में लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
उल्लेखनीय कि पौराणिक रामरेखा मंदिर का भगवान राम से जुड़ा हुआ इतिहास है, जहां पर स्थानीय लोगों नें राम मंदिर के निर्माण से जोड़कर यह भव्य कथा आयोजित किया है ।जिसमें अयोध्या से आए आचार्य ज्योति शंकर तिवारी व रामरेखा मंदिर के महंत दया शंकर दास नें वैदिक मंत्रों के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ कराया। महंत दया शकर दास नें बताया कि भगवान राम जब जनकपुर से अयोध्या वापस लौट रहे थे, तो इसी पौराणिक स्थल पर उन्होंने रात्रि विश्राम किया था। जिसका पुराणों में इतिहास वर्णित है। कलश यात्रा में शामिल महिलाएं पौराणिक रामरेखा नदी से जल भरकर अमोढ़ा, कोटही माता मंदिर ,चतुर्भुजी मंदिर से होते हुए छावनी कस्बे से होकर पुनः रामरेखा मंदिर पर पहुंची। जहां पर विधिवत पूजन अर्चन के बाद राम कथा का कार्यक्रम आरंभ हुआ।
कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्य अजीत सोनी, जगन्नाथ कसौधन, बबलू सिंह,माता प्रसाद सिंह, दिवाकर सिंह, देवाशीष मौर्य, पवन मिश्र, रवि सिंह, लाल बहादुर तिवारी,रोहित तिवारी, प्रदीप तिवारी, संदीप गुप्ता, सुमित कसौधन, प्रेम कुमार गुप्ता, संतोष सोनी, जगन्नाथ गुप्ता, आशीष सिंह सहित सैकड़ो की संख्या में महिलाएं, बच्चे व श्रद्धालु मौजूद रहे।


