महराजगंज, बस्ती
जनपद के विकास खंड हर्रैया के उच्च प्राथमिक विद्यालय जोगापुर में तैनात सहायक अध्यापक ज्ञानदास कन्नौजिया पर छात्रों के हाथों में बंधे धार्मिक कलावा कटवाने, धार्मिक मालाएं उतरवाने तथा विद्यालय परिसर में स्थित धार्मिक महत्व के बेल और बरगद के पेड़ कटवाने के आरोपों को लेकर बुधवार को भारी हंगामा खड़ा हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों,अभिभावकों और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी विद्यालय पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित शिक्षक को पूछताछ के लिए हर्रैया थाने ले गई।
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में पढ़ने वाले कई छात्रों के हाथों में बंधे धार्मिक कलावे शिक्षक द्वारा कटवाए गए। कुछ छात्रों नें यह भी आरोप लगाया कि गले में पहनी धार्मिक मालाएं भी उतरवाई गईं। कक्षा आठ के छात्र प्रिंस और कुलदीप विश्वकर्मा तथा कक्षा सात के छात्र शुभम राजभर नें भी इस संबंध में आरोप लगाए। वहीं विद्यालय से पूर्व में पढ़ाई कर चुके कुछ युवाओं नें भी दावा किया कि उनके साथ भी पढ़ाई के दौरान इसी प्रकार की घटनाएं हुई थीं।
मामले नें उस समय और तूल पकड़ लिया जब विद्यालय परिसर में स्थित वर्षों पुराने बेल और बरगद के पेड़ों की कटाई का मुद्दा सामने आया। ग्रामीणों का आरोप है कि बेल का पेड़ स्वयं शिक्षक ने काटा तथा कुछ हिस्से बच्चों से भी कटवाए। लोगों का कहना है कि बेल का वृक्ष भगवान शिव की पूजा से जुड़ा होने के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। ऐसे में उसकी कटाई से ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक हनुमान प्रसाद वर्मा नें बताया कि उनकी अनुपस्थिति में विद्यालय परिसर में स्थित बरगद और बेल के पेड़ काट दिए गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनसे न तो कोई अनुमति ली गई और न ही पूर्व सूचना दी गई। वर्मा का आरोप है कि वह एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की आशंका के कारण अब तक इस मामले में खुलकर शिकायत नहीं कर सके थे। बुधवार को उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते विद्यालय परिसर में भारी भीड़ जुट गई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए शिक्षक के निलंबन, विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि बच्चों की धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों के साथ कथित छेड़छाड़ और धार्मिक महत्व के वृक्षों की कटाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
सूचना मिलने पर विश्व हिंदू महासभा समेत विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी विद्यालय पहुंच गए। प्रदर्शन में गौ रक्षा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय शंकर शुक्ला, अमरजीत सिंह, अंकित उपाध्याय, राहुल शास्त्री, अजय तिवारी, विजय तिवारी, लालता वर्मा, सोहन राजभर, मृदुल, शुभम सिंह, अनिल उपाध्याय, दुर्गा गोस्वामी, रामलौट मौर्य, दीपक विश्वकर्मा, शिवा राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक मौजूद रहे।
स्थिति को संवेदनशील देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और संबंधित शिक्षक को अपने साथ हर्रैया थाने ले गई। इसके बाद विद्यालय परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी रही।
वहीं सहायक अध्यापक ज्ञानदास कन्नौजिया नें अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बच्चों के हाथों में बंधे कुछ कलावे पुराने और गंदे हो गए थे, इसलिए उन्हें हटवाया गया था। उन्होंने धार्मिक माला या भगवान के लॉकेट वाली मालाएं कटवाने के आरोप को निराधार बताया
मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।


