अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी
राजधानी लखनऊ में सोमवार की दोपहर के बाद एक निजी कोचिंग संस्थान में लगे आग के कारण दम घुटने की वजह से 15 छात्र-छात्राओं के दर्दनाक मौत का मामला प्रकाश में आया है। जबकि उक्त दुर्घटना में 9 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में चल रहा है। उक्त दर्दनाक घटना ने लखनऊ शहर को हिला कर रख दिया है। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक पत्रकारों से वार्ता करते समय भावुक होते हुए रो पड़े। दुर्घटना के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ जनपद में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ते हुए लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित उषा मेहता मार्ग बी/2 सेक्टर डी की एक इमारत में प्राइवेट कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर संचालित हो रहा था। इसी बिल्डिंग के बेसमेंट में पेट सेंटर भी चल रहा था। सोमवार की दोपहर करीब ढाई बजे के बाद अचानक कोचिंग के अंदर काले धुएं का गुबार और तेज लपटें दिखाई देने लगी। घटना के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड सहित पुलिस अधिकारियों का अमला मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का प्रयास करने लगा। इस दौरान कोचिंग में मौजूद कुछ छात्रों नें अपने आप को वाशरूम में बंद कर लिया, जिसमें धुआं भरने की वजह से दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के अनुसार सेकंड फ्लोर की दीवार को तोड़कर बच्चों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर आग बुझाने का पूरा प्रयास किया।आग लगने के बाद कुछ छात्र एवं कर्मचारी केबल पकड़कर कूदने का प्रयास किया, जिसमें दो छात्रों को गंभीर चोटें आईं हैं। पुलिस के अनुसार उक्त दुर्घटना में सागर, अनामिका, निलेश, संयम, अनुछा, सुखमणि, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज भाह, भाहजन, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार, सुमल्या की मौत हो गई। जबकि जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी एवं गौरव कुमार गंभीर रूप से घायल हैं। जिनका इलाज केजीएमसी में चल रहा है।
उक्त दुर्घटना में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से करते हुए पेट सेंटर में मौजूद कई बिल्लियों एवं कुत्तों को भी बचाया गया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये एवं घायलों को पचास हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा किया तथा उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि घटना में शामिल अधिकारियों को किसी भी प्रकार से बक्शा नहीं जाएगा।


