देवेन्द्र कुमार वर्मा की बर्खास्तगी पर भड़के शिक्षक,जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल पर लगाया मनमानी का आरोप

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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ में सब कुछ ठीकठाक नहीं है। 11 वीं बार जिलाध्यक्ष चुने गये उदयशंकर शुक्ल जहां अपना अभिनन्दन करा रहे हैं,वहीं विकास क्षेत्र परसरामपुर के ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार वर्मा को उनके पद से बर्खास्त कर दिये जाने को लेकर शिक्षकों में रोष व्याप्त है। देवेन्द्र कुमार वर्मा की बर्खास्तगी के विरोध में मंगलवार को शिक्षकों की आकस्मिक बैठक परसरामपुर ब्लाक पर हुई और मांग किया गया कि बर्खास्तगी को वापस लेकर पारदर्शी ढंग से चुनाव कराया जाए। परसरामपुर के ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार वर्मा नें कहा कि बिना उनका पक्ष सुने उन्हें बर्खास्त कर देने का निर्णय पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है, शिक्षक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। आक्रोशित शिक्षकों नें जिलाध्यक्ष के इस निर्णय को मानने से इन्कार कर दिया है।

देवेन्द्र कुमार वर्मा नें कहा कि मुझे व्यक्तिगत रंजिश में निराधार आरोप लगाते हुए बर्खास्त किया गया है। ब्लॉक के शिक्षक इस निर्णय से आहत और आक्रोशित हैं। संगठन को व्यक्तिगत मनमानी के बजाए उसके बायलॉज के अनुसार संचालित किया जाए। शिक्षकों नें आरोप लगाया है कि जिलाध्यक्ष ने अलोकतांत्रिक तरीके से बिना किसी नोटिस अथवा पक्ष सुने बिना ब्लॉक अध्यक्ष को मनमानी तरीके से बर्खास्त किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि द्वेषवश उक्त कार्यवाही की गई है और ब्लॉक अध्यक्ष पर झूठे आरोप लगाए गए हैं।

बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने जिला कार्यकारिणी को पत्र लिखकर मांग किया है कि यह अलोकतांत्रिक निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और ब्लॉक में पारदर्शी व्यवस्था से चुनाव कराया जाए।

बैठक में ब्लॉक उपाध्यक्ष अरविन्द पाण्डेय, पंच बहादुर यादव, विवेकानन्द वर्मा, हरिश्चन्द्र यादव, सत्य प्रकाश पाठक, शोभाराम वर्मा, अजय कुमार पाण्डेय, हरि मूर्ति चौधरी, कोषाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा, संयुक्त मंत्री विजय कनौजिया, भरत राम, रामपति कनौजिया, पांचू प्रसाद, राम दयाल, पवन सिंह, बलराम वर्मा, रामजीत वर्मा, राहुल वर्मा, काशी प्रसाद, रमेश वर्मा, विनोद कनौजिया, विजय कुमार वर्मा, रोशन लाल, कमलेश पाण्डेय,दिलीप गुप्ता के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

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