स्व.विष्णुदत्त ओझा व्यक्ति नहीं विचार थे,पन्द्रहवीं पुण्यतिथि पर 166 लोगों नें किया रक्तदान,उनके साथ बिताए पलों को यादकर द्रवित हुए वक्ता

•• चंद लोगों से प्रारम्भ हुआ कारवां सैकड़ो में पहुँचा: नन्दीश्वरदत्त ओझा

अजीत पार्थ न्यूज बस्ती

जनपद के थाती और जन सरोकारों के प्रति समर्पित स्व. विष्णुदत्त ओझा की पन्द्रहवीं पुण्यतिथि पर शनिवार को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पुस्तकालय एवं वाचनालय टाउन क्लब के परिसर में रक्तदान शिविर एवं ‘रक्तदान एक सामाजिक जिम्मेदारी’ विषयक संगोष्ठी और सहभोज का आयोजन किया गया ।

इस दौरान विष्णुदत्त ओझा रक्तदान एवं जनसेवा समिति के संयोजक नन्दीश्वर दत्त ओझा नें बताया कि आस्था के बीच 166 लोगों द्वारा रक्तदान के साथ ही स्वर्गीय विष्णुदत्त ओझा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को साझा किया।

रक्तदान शिविर के दौरान भावुक विष्णुदत्त ओझा रक्तदान एवं जन सेवा समिति के संयोजक नन्दीश्वर दत्त ओझा नें कहा कि आज स्वर्गीय विष्णुदत्त ओझा का भौतिक शरीर हमारे बीच नहीं है, किन्तु उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।

संगोष्ठी को गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, प्रधान आर्य समाज ओमप्रकाश आर्य, भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र, सुशील सिंह, गोपेश्वर त्रिपाठी, दयाशंकर मिश्र, अनुराग शुक्ल नें संबोधित करते हुए कहा कि स्व.विष्णुदत्त ओझा व्यक्ति नहीं अपितु विचार थे, वह चिरकाल तक लोगों के ह्रदय में जिंदा रहेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्कसीय आवश्यकता नहीं,बल्कि यह मानवता के प्रति सभी स्वस्थ नागरिकों का नैतिक और सामाजिक उत्तरदायित्व है।

इस दौरान प्रमुख रुप से विनोद मणि त्रिपाठी, रवि चौबे,जगदीश प्रसाद शुक्ल, संजय प्रधान, ओंकारनाथ दूबे, रवि दुबे आशीष शुक्ल “सैनिक”, दयाशंकर मिश्र, राम भवन शुक्ल, पूर्व विधायक राजमणि पांडेय, रवि शुक्ल, जयप्रकाश मिश्र, चंचल शुक्ल सहित तमाम लोग मौजूद रहे

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