नई दिल्ली
आगामी अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार महिला किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि को दोगुना कर सकती है। उल्लेखनीय है कि इससे मोदी सरकार देश के करोड़ों महिला किसानों को साधने की कोशिश कर सकती है। फिलहाल किसानों को साल में तीन बार में दो-दो हजार रुपये की किस्तों में कुल छह हजार रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार केंद्र की मोदी सरकार इस योजना को महिला किसानों के लिए बढ़ाकर 12 हजार करने पर विचार कर रही है। जानकारी के अनुसार इस योजना की घोषणा एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में होने की संभावना है। यह योजना लागू होने से सरकार पर सालाना 120 अरब रुपये को बोझ बढ़ेगा।
ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अंतरिम बजट में बड़े ऐलान करेगी। हालांकि, हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नें एक बयान में कहा था कि आगामी एक फरवरी का बजट मुख्य रूप से वोट ऑन अकाउंट के रूप में काम करेगा। ऐसे में लोकलुभावन घोषणाओं पर जोर देने की उम्मीद कम ही है। बता दें कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेश किए जाने वाले इस बजट को अंतरिम बजट कहा जाता है। सामान्य बजट के लिए पर्याप्त समय नहीं होने या चुनाव जल्द ही होने की वजह से सरकार अंतरिम बजट पेश करती है। यह नई सरकार को बाद में पूर्ण बजट पर निर्णय लेने की अनुमति देता है।
हालांकि केंद्र सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बढ़ाने से महिला सशक्तीकरण की ओर एक कदम और आगे बढ़ाएगी। हालांकि इस मामले में कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय ने किसी भी तरह का टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। देश में इस समय किसान परिवारों की आबादी 26 करोड़ है। इनमें से 60 प्रतिशत महिलाएं हैं।
सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में किसानों में 13 प्रतिशत आबादी ही कृषि भूमि की मालिक है। सरकार पिछले कुछ वर्षों से किसानों को नकद राशि दे रही है। पिछले साल नवंबर तक इस तरह की कुल 15 किस्तें दी चुकी हैं। इस मद में सरकार अब तक 2.81 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है।


