∆∆•• ग्रामीणों नें किया जिलाधिकारी से शिकायत, प्रधान प्रतिनिधि पर दबंगई का आरोप
बस्ती
जनपद के बहुचर्चित विकास खंड बनकटी के ग्राम पंचायत थरौली में विकास कार्यों में खुली लूट, अनियमितता और सरकारी धन के बंदरबांट को लेकर ग्रामीणों नें आक्रोश जताते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर गुरुवार को ग्रामवासी अभयदेव शुक्ल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों नें आरोप लगाया कि प्रधान प्रतिनिधि, सचिव एवं विकास खंड से जुड़े अधिकारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं। ग्रामीणों नें इन लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान प्रतिनिधि द्वारा गांव में दबंगई किया जा रहा है, विरोध करने वालों को मारने पीटने के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग करते हुए विरोधियों को फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों नें जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए मांग किया कि ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही मनरेगा एवं अन्य योजनाओं में की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर सरकारी धन की रिकवरी कराई जाए।
अभयदेव शुक्ल नें आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पार्वती देवी, उनके प्रतिनिधि सुनील पाण्डेय, पूर्व सचिव सुशीला द्वारा मिलीभगत करके ग्राम पंचायत में व्यापक स्तर पर समतलीकरण घोटाले के साथ-साथ प्रधान प्रतिनिधि द्वारा अपने भाईयों के नाम से खेत समतलीकरण का लाखों रुपये की बंदरबांट कर लिया गया है। इसी के साथ ग्राम पंचायत में दूसरे जगहों के निवासियों के नाम पर मनरेगा जाबकार्ड बनवा कर सरकारी धन का हेरफेर किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में तैनात महिला सचिव द्वारा अपने पुत्र के खाते में लाखों रुपये भेजकर घोटाला किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार शिकायत की गई,लेकिन जब कोई कार्यवाही नहीं हुई,तो विवश होकर धरना देना पड़ा रहा है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि भ्रष्टाचार का विरोध करने पर ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि और उनके सहयोगी ग्रामीणों को धमकाते हैं,मारपीट करते हैं और थाने में भी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है। प्रदर्शनकारियों को आशंका है कि इस आंदोलन में भाग लेने वालों के खिलाफ प्रधान पक्ष द्वारा कोई अप्रिय घटना कराई जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से जांच के साथ-साथ सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए जाने की मांग किया। धरना देने वालों में अनुराग शुक्ल, विनय देव, डॉ.संजीव शुक्ल, आनन्द शुक्ल, रवीश शुक्ल, संतबली, राकेश यादव, तीर्थराज चौधरी, धर्मराज चौधरी,अम्बिका यादव, गीता देवी, सावित्री, सुधा, गायत्री, श्यामादेवी, राजेश्वरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दिया है कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो यह आंदोलन जनसहयोग से और भी व्यापक रूप से चलाया जाएगा।


