हैवानियत की हद: युवक का गला काटकर 50 किलोमीटर दूर ले जाकर सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंका, पैसे के लेनदेन का था विवाद

अजीत पार्थ न्यूज एजेंसी

जनपद गोरखपुर में हैवानियत के हद की पराकाष्ठा का मामला प्रकाश में आया है। उक्त लोमहर्षक घटना को जो भी सुन रहा है वह सिहर जा रहा है। मात्र चंद रूपयों के लिए एक युवक की कुल्हाड़ी से गला काटने के बाद उसके शव को 50 किलोमीटर दूर ले जाने के बाद सिर को एक जगह तथा उसके धड़ को 10 किलोमीटर की दूरी पर हत्यारों नें फेंक दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अंबुज त्रिपाठी 20 पुत्र संतोष मणि त्रिपाठी उर्फ प्रकाशेंदु गोरखपुर जनपद के तिवारीपुर थाना अंतर्गत सूर्यविहार कॉलोनी का निवासी था। विगत 26 नवंबर को अंबुज त्रिपाठी के घर एक अर्टिगा कार आई जिसमें उसका दोस्त आयुष बैठा हुआ था। पिता के अनुसार उन्होंने अपने बेटे से पूछा कि कहां जा रहे हो तो उसनें बताया कि एक हल्दी कार्यक्रम है उसमें शामिल होने जा रहा हूं। इसके बाद शाम तक जब वह घर नहीं लौटा और देर रात उसका फोन स्विच ऑफ बताने लगा और अगले दिन 27 नवंबर को भी जब अंबुज त्रिपाठी घर नहीं लौटा तो घर में कोहराम मच गया।

इसके बाद 28 नवंबर को तिवारीपुर थाने में अंबुज त्रिपाठी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट के पश्चात 29 नवंबर को पुलिस नें दो युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाया और इसके अलावा आसपास के करीब 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें अंबुज के आयुष के साथ जाने की बात सही पाई गई। पुलिस ने आयुष को पकड़ने के बाद जब कड़ाई से पूछताछ किया तो उसने बताया कि हल्दी कार्यक्रम में मारपीट हुई थी उसके बाद उन लोगों ने कुल्हाड़ी से अंबुज का गला काटकर उसकी हत्या कर दिया।

हत्या करने के बाद अंबुज की शव को 50 किलोमीटर दूर महाराजगंज जनपद में ले गए जहां पर भैंसा- पिपरा खादर मार्ग पर देवरिया शाखा पर अंबुज का सिर फेंक दिया और इसके बाद 10 किलोमीटर दूर जाकर श्याम देउरवा क्षेत्र में नहर के किनारे धड़ फेंक दिया गया।

उक्त मामले में तिवारीपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच नें युवक के शव को महाराजगंज जनपद से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय के लिए रवाना कर दिया ।

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